तेरे मन्दिरा च वाजा माँये मारा

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

तेरे मन्दिरा च वाजा माँये मारा कित्थे गई ऐ माता रानीऐ,

तेरे मन्दिरा च वाजा माँये मारा कित्थे गई ऐ माता रानीऐ,

दस केडे केडे मन्दिरा च जांवा कित्थे गई ऐ माता रानीऐ,

तेरे मन्दिरा च वाजा माँये मारा......

शेरेआलीऐ माईऐ भुखे तेरे प्यार दे,

ईक ईक पल तेरी याद विच गुजार दे,

ईक ईक पल तेरी याद विच गुजार दे

किंवे दसा माँये दुखड़े हजारा कित्थे गई ऐ माता रानीऐ ॥

तेरे मन्दिरा च वाजा माँये मारा......

चली गई सगंता ना आई मेरी वारी माँ,

ईक बरक ते दुजे शिखर दोपहर माँ,

ईक बरक ते दुजे शिखर दोपहर माँ

कदो आणी वारी लंबीया कतारा कित्थे गई ऐ माता रानीऐ ॥

तेरे मन्दिरा च वाजा माँये मारा......

तेरे इन्तजार विच मुक जिंद जाणी ऐ,

मिलन मिलान वाली घड़ी मुक जानी ए,

नहीयो आणा नहीयो जन्म दुबारा कित्थे गई ऐ माता रानीऐ ॥

तेरे मन्दिरा च वाजा माँये मारा कित्थे गई ऐ माता रानीऐ,

दस केडे केडे मन्दिरा च जांवा कित्थे गई ऐ माता रानीऐ......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।