राम कहने का मजा

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

राम कहने का मजा, जिसकी जुबान पर आ गया,

मुक्त जीवन हो गया, चारो पदार्थ पा गया ॥

लुटा मज़ा प्रह्लाद ने, इस राम के प्रताप से,

नरसिंह हो दर्शन दिए, त्रिलोक में यश छा गया।।

राम कहने का मजा......

जाती की थी भीलनी, उस प्रेम से सुमिरन किया,

घर आकर परमात्मा, उस हाथ के फ़ल खा गया।।

राम कहने का मजा......

कलिकाल के जो भक्त है, उनका भी रुतबा है बड़ा,

नरसिंह की हुंडी द्वारिका में, सांवरा सिक्रा गया।।

राम कहने का मजा......

क्या भक्ति निर्मल छा रही, देखकर संसार में,

अब्र के मानिंद तुलसी, दास यशवर छा गया।।

राम कहने का मजा......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।