राम बिना तेरी कैसी होगी मुक्ति

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

राम बिना तेरी कैसी होगी मुक्ति,

भजन बिना तेरी कैसी होगी भक्ति....

जब बंदे तूने जन्म लिया था.....-2

पढ़े क्यूँ ना वेद, लिखी क्यूँ ना तख्ती,

राम बिना तेरी……….

जब बंदे तुझपे आई जवानी.....– 2

खेला, उछला खूब बजाई तूने सीटी,

राम बिना तेरी……

जब बंदे तुझपे आया बुढ़ापा.....– 2

रोया घुटने टेक, जवानी तेरी मिट गई,

राम बिना तेरी……

आई जब रेल स्टेशन पर रुक गई...-2

तू सोया चादर तान, टिकट तेरी कट गई,

राम बिना तेरी……..

धर्मराज तेरा लेखा माँगे... -2

बताए कौन सी बात, कहानी सारी रुक गई,

राम बिना तेरी……..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।