सेवक लाए हैं भँगिया

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

सेवक लाए हैं भँगिया, भोले बाबा छान के,

भर भर के लौटा पी ले, मस्ती में तान के,

सेवक लाए हैं भँगिया, भोले बाबा छान के,

भर भर के लौटा पी ले, मस्ती में तान के ॥

बड़े जतन से हौले हौले, भाँग तेरी घुटवाई,

भाँग तेरी घुटवाई, केसर पिस्ता ख़ूब मिलाया,

छान लेइ ठंडाई, छान लेइ ठंडाई,

हमरी भी रख ले बतियाँ, सेवक तू जान के,

भर भर के लौटा पी ले, मस्ती में तान के.......

गौरा मैया के हाथोँ से, भाँग सदा तू खाएँ,

भाँग सदा तू खाए, तेरे सेवक बड़े प्रेम से,

भांग घोट के लाए, भांग घोट के लाएं,

सावन की बूंदें थिरके, रिम झिम की ताल पे,

भर भर के लौटा पी ले, मस्ती में तान के.......

और देव होते तो लाते, भर भर थाल मिठाईं,

भर भर थाल मिठाई, लेकिन भोले बाबा तुझको,

भांग सदा ही भायी, भांग सदा ही भायी,

हर्ष दया का भोले, हमको भी दान दे,

भर भर के लौटा पी ले, मस्ती में तान के,

सेवक लाए हैं भँगिया, भोले बाबा छान के,

भर भर के लौटा पी ले, मस्ती में तान के.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।