श्याम तेरी गईया दुःख पा रही

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

गईया दुखियारी कहे,

बात ये रोते रोते,

श्याम तेरी गईया दुःख पा रही,

पापियो के पाप धोते धोते,

जय जय गौ माँ जय जय गौ माँ......

सबकुछ बदला बदला जमाना,

बदला है हाल हमारा....-2

इंसान बदला नियत बदली,

बदला आज नज़ारा,

दुःख सह के मैं हारी,

मैं हूँ अबला बेचारी,

मेरी आँखों में है पानी,

मेरी करुण कहानी,

कटने को जाते,

मेरे बछड़े ये छोटे छोटे,

श्याम तेरी गईया दुःख पा रही,

पापियो के पाप धोते धोते,

जय जय गौ माँ जय जय गौ माँ....

माँस बेचकर मेरा देखो,

पैसे खूब कमाते....-2

पाँव बांधकर मेरे चारो,

उल्टा ये लटकाते,

सारी रस्सी में भुना के,

छुरी मुझपे चला के,

मेरी चमड़ी को जला के,

खून मेरा बहाके,

चमड़ी उधेड़े मेरी,

इंसान हैवान होके,

श्याम तेरी गईया दुःख पा रही,

पापियो के पाप धोते धोते,

जय जय गौ माँ जय जय गौ माँ......

आज कहाँ है मुरली वाला,

वो गोकुल का ग्वाला....-2

गईया तुम्हारी तुमको बुलाती,

आजा अब नंदलाला,

आजा हारे के सहारे,

गईया तुमको पुकारे,

बंसी फिर से बजा दे,

अपनी गायो को बचाले,

विनती सुनाए तुझे,

गईया ये रोते रोते,

श्याम तेरी गईया दुःख पा रही,

पापियो के पाप धोते धोते,

जय जय गौ माँ जय जय गौ माँ....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।