छोटे से गांव में पीपल की छांव में

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

छोटे से गांव में,

पीपल की छांव में,

आजा राधा तोहे,

श्याम बुलाए हो,

आजा रे आजा रे,

आजा रे आजा रे।।

जब जब बाजे तोहरी मुरलिया,

राधा नाचे ता ता थैया....-2

बंधे हैं घुंघरू राधा के पांव में,

आजा राधा तोहे,

श्याम बुलाए हो,

छोटे से गांव में.....

जब जब बाजे राधा की पायलिया,

उड़ उड़ जाए धानी चुनरिया....-2

छम छम छम छम,

छम छम छम छमा छम,

बजते हैं घुंघरू राधा के पांव में,

आजा राधा तोहे,

श्याम बुलाए हो,

छोटे से गांव में.....

धरती नाचे अंबर नाचे,

वृंदावन की गलियां नाचे...-2

छेड़ी है सरगम बहती हवाओं ने,

आजा राधा तोहे,

श्याम बुलाए हो,

छोटे से गांव में.....

हम सबका है एक सहारा,

तेरे सिवा ना कोई हमारा.....-2

हेमेश बैठा तेरे चरणों की छांव में,

आजा राधा तोहे,

श्याम बुलाए हो,

छोटे से गांव में,

पीपल की छांव में,

आजा राधा तोहे,

श्याम बुलाए हो,

आजा रे आजा रे,

आजा रे आजा रे।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।