ताली बाजे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

यहाँ कोई नहीं सुनता है,

तुझे तेरे नाम की वजह से....-2

तेरे हर झूठ पे ताली बाजे,

बाबा श्याम की वजह से,

तेरे हर झूठ पे ताली बाजे,

बाबा श्याम की वजह से।

भीड़ लगे है भारी,

खाटू धाम की वजह से,

तेरे हर झूठ पे ताली बाजे,

बाबा श्याम की वज़ह से.......

बहुत हुई है बन्दे, तेरी मनमानियां,

झूठे हैं किस्से तेरे, झूठी है कहानियाँ,

रुकते प्रेमी श्याम के,

इंतजाम की वज़ह से,

तेरे हर झूठ पे ताली बाजे,

बाबा श्याम की वज़ह से.......

मदरही इनायत ऐसी, करता है साँवरा,

आज मनजानी देखो, कल तक था बाँवरा,

सेवा में आनाकानी करता,

दाम की वजह से,

तेरे हर झूठ पे ताली बाजे,

बाबा श्याम की वज़ह से......

श्याम धणी का प्यारे, सच्चा दरबार है,

शरण में जो आए सागर, भव सिंधु पार है,

कोई कदर नहीं जानूं,

तेरे काम की वज़ह से,

तेरे हर झूठ पे ताली बाजे,

बाबा श्याम की वज़ह से.........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।