घनश्याम मेरे भगवान मेरे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

घनश्याम मेरे भगवान मेरे

श्रीराम मेरे भगवान मेरे।

तू है तो दुनिया कितनी हंसी है।

जो तू नहीं तो कुछ भी नही है

घनश्याम मेरे भगवान मेरे।।

तू ही मेरे जीवन का सच्चा सपना है ।

तू है तो ये मेरा जीवन लगता अपना है।।

ए रिश्ते नाते झूठे सगा कोई भी नही है

घनश्याम मेरे भगवान मेरे......

तू है तो हो जाती है हर मुश्किल आसान।

मैं हु एक नन्हा सा बालक तू मेरा भगवान।

तेरे जैसा दीन दयाला कोई भी नही है।।

घनश्याम मेरे भगवान मेरे......

तू कृष्ण कन्हैया कान्हा तू ही रास रचैया।

तू चीर बढईया कान्हा तू ही नाग नथैया ।।

तेरी प्यारी प्यारी सूरत मन में बसी है।।

घनश्याम मेरे भगवान मेरे......

गीतकार /गायक -राजेन्द्र प्रसाद सोनी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।