मैया जी हमे भुल ना जाना

नरेन्द्र चंचल
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मैया जी हमे भुल ना जाना,

मैया जी हमे भुल ना जाना

हम भी तेरे द्वारे के सेवक हमको गले लगाना।

मैया जी हमे भुल ना जाना

मैया जी हमे भुल ना जाना.....

सच्चा सुख और शान्ति मन की हमने तुम्ही से लेने,

हमने तुम्ही से लेने....

पाप खुमम ममता के कुछ मोती पड़ेंगे हमकोे देने

पड़ेंगे हमकोे देने.....

हमने भक्ति की शक्ति का देखा नया करिश्मा,

नग नग भीतर साम्भ के रखना आज हटा चश्मा,

श्रद्धा सुमन जो हम ले आये उनको ना ठुकराना।

मैया जी हमे भुल ना जाना.......

लोहे जैसे तन हम सबके हमे बना दो सोना,

हमे बना दो सोना.....

तप के तपस्या की अग्नी मे हमने कुदंन होना,

हमने कुदंन होना....

ज्ञान की गंगा मे हम सब ने आज लगाना गोता,

आप बढ़ाओ तो बढ़ जाए इस पिंजरे का तोता,

हम अज्ञानी मुड़मति है हम को राह दिखाना।

मैया जी हमे भुल ना जाना.....

तुम चाहो तो पृथ्वी पिघले अंबर हो जाए निचा,

तेरी मर्जी हो तो करे ना मौत जीवन का पीछा,

मौत जीवन का पीछा......

माँ तेरी निर्दोष रजा बिन कंही ना पत्ता हिलता,

शरणागत को आप के दर से जो भी मांगे मिलता,

तेरे लंगरों से महादाती माँग के हमको खाना।

मैया जी हमे भुल ना जाना,

हम भी तेरे द्वारे के सेवक हमको ना ठुकराना,

मैया जी हमे भुल ना जाना......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।