श्याम की मुरली

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्यामा मुरली बजाकर चल दिए, प्रभु बंसी सुनाकर चले गए....-2

मुझे निंदिया आई सोने चली, सपने में आए सांवरिया,

मुख से निकला ठहरो प्रभु और हंस कर यूँ ही मुड़ गए,

प्रभु बंसी सुनाकर………

किसे कहूँ गम दिल का मैं, कोई तो आके सुने मेरी,

मुझे लौ लगी है श्यामा की, गिरधर को बुला कर लाओ जरा,

प्रभु बंसी सुनाकर……

प्रभु प्रेम की दीवानी हुई, दिल जख्मी किया बेगाना हुआ,

नैनो में आके सांवरिया, कोई तो हाल जाने मेरा,

प्रभु बंसी सुनाकर……..

भोर भई जब नींद खुली, हंस-हंस कर मैं पगली हुई,

चाह लगी थी श्यामा की, सपनों में दर्शन दे गये,

प्रभु बंसी सुनाकर……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।