आदि शक्ति माँ भवानी

पारंपरिक
महादेव भजन दुर्गा भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

आदि शक्ति माँ भवानी अम्बे दुर्गा महाकाली

कितने नाम हैं तेरे मैया तेरे दर्शन की प्यासी अखियाँ

भाव मन में जो जैसा लाये वैसा ही तेरा दर्शन पाये

पापी देखे तुम्हे काली रूप में भक्त माँ गौरी की ममता पाये

आदि शक्ति माँ भवानी अम्बे दुर्गा महाकाली

कितने नाम हैं तेरे मैया -------

महिषासुर की मर्दिनी माता चंड मुंड को भी सनहारा

अब तो लाखों महिषासुर हैं आ जाओ काल रात्रि माता

आदि शक्ति माँ भवानी अम्बे दुर्गा महाकाली

कितने नाम हैं तेरे मैया तेरे दर्शन की प्यासी अखियाँ

हे दुःख हरनी हे सुख करनी आ जाओ हे माँ शिवानी

कष्टों की धूप बड़ी तेज है मैया कर दो अपने आंचल की छैया

आदि शक्ति माँ भवानी अम्बे दुर्गा महाकाली

कितने नाम हैं तेरे मैया तेरे दर्शन की प्यासी अखियाँ

सिद्ध मनोरथ सबके करती सबको इच्छित वर ये देती

हे सिद्धि दात्री हमें ये वर दो सदा करें तेरी ही भक्ति

आदि शक्ति माँ भवानी अम्बे दुर्गा महाकाली

कितने नाम हैं तेरे मैया तेरे दर्शन की प्यासी अखियाँ

शिव की शक्ति भी तुम हो और भक्तों की भक्ति भी तुम हो

शिव भी शव हैं बिना तुम्हारे हे शिव दुलारी हे गौरा रानी

लिखा गया

प्रियंका

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।