राम दिन रात जापा रे

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

राम दिन रात जापा रे, मुझे फिर भी ना मिले भगवान...-2

अयोध्या में जन्म लिया श्रीराम... -2

अयोध्या की दाई मैं बनी, मुझे फिर भी ना……

गुरुवर के पास गए श्रीराम....-2

गुरु की शिष्या मैं बनी, मुझे फिर भी ना……

सरयू पर आए श्रीराम....-2

सरयू की लहरे मैं बनी, मुझे फिर भी ना…….

जनकपुर में आ गए श्रीराम....-2

जनकपुर में आ गई, मुझे फिर भी ना…….

अवधपुर में आ गए श्रीराम....-2

अवध की रानी बन गई, मुझे मिल गए श्रीराम......

राम दिन रात जपा मुझे मिल गए श्री राम........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।