आजो जी आजो थे

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

आजो जी आजो थे पार्वती रा ललना,

गजानंद थारो ध्यान धरा,

थारो ध्यान धरा,

म्हारे घर आजो जी,

आजो जी आजो थे पार्वती रा ललना।।

थे आजो रिद्धि सिद्धि,

सागे ल्याजो जी,

सबसु पहला सुमिरा सिद्ध,

करा सब काज जी,

आओ भक्ता रा प्रतिपाला जी,

आओ भक्ता रा प्रतिपाला जी,

थारो गुणगान करा,

आजो जी आजो थे पार्वती रा ललना।।

पिता है थारा महादेव जी,

पार्वती राखे प्यारा,

थे म्हारी नैना री ज्योति,

थासु जग उजियारा,

दीजो सगला संकट टाल जी,

दीजो सगला संकट टाल जी,

थारो सम्मान म्हे करा,

आजो जी आजो थे पार्वती रा ललना,

गजानंद थारो ध्यान धरा,

थारो ध्यान धरा,

म्हारे घर आजो जी,

आजो जी आजो थे पार्वती रा ललना।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।