दामोदर घनश्याम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

दामोदर घनश्याम मेरे सांवरिया नंदलाल,

दे दे आशीर्वाद बाबा, दे दे आशीर्वाद....

फरारी की सवारी दे दे जिसकी तेज रफ्तार,

छोटी सी एक लॉटरी जो हो बेशुमार.....-2

बड़ा सा एक बंगला दे दे, स्विमिंग पूल हो साथ

दामोदर घनश्याम…...

सुंदर सी एक बहु दे दे जो हो लेक्चरार,

सुघड़ सा एक पोता दे दे जो हो बसन्त बहार.....-2

घर अंगना मेरा सुंदर लागे, खिला रहे गुलजार

दामोदर घनश्याम..…

खाने में भी खास ना चाहिए, सांबर, बड़ा, सलाद,

बर्गर पिज्जा साथ में पेप्सी भरा गिलास....-2

बस इतना सा भोजन दे दे भरपूर रहे भण्डार,

दामोदर घनश्याम……..

दमदम मेरी बिंदिया दमके, गले हीरो का हार,

हाथों में हथफूल चमके जो हो वजनदार....-2

छम छम मेरी पायल बाजै चाल चलू मस्तान,

दामोदर घनश्याम……

साठ कली का घाघरा चुनरी जरीदार,

सजधज कर मैं सतसंग जाऊँ सोलह करुं श्रृंगार....-2

चार सखी मेरे संग में चालै, मेरी हिरणी जैसी चाल,

दामोदर घनश्याम……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।