दर है तेरा निराला

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

खाटू के श्याम बाबा,

दर है तेरा निराला...-2

तेरी अनोखी झांकी,

तेरी अनोखी झांकी,

जलवा तेरा निराला,

खाटु के श्याम बाबा,

दर है तेरा निराला।।

आया हूँ दर पे तेरे,

बिगड़ी मेरी बना दे,

कैसी है प्रीत तेरी,

मुझको जरा बता दे,

तेरे बगैर मोहन,

तेरे बगैर मोहन,

कोई नही हमारा,

खाटु के श्याम बाबा,

दर है तेरा निराला।।

कब से पुकारते है,

मुरली मधुर सुना दे,

अँखियाँ तरस रही है,

दर्शन जरा दिखा दे,

विश्वास ले के दिल में,

विश्वास ले के दिल में,

हमने तुम्हे पुकारा,

खाटु के श्याम बाबा,

दर है तेरा निराला।।

गुण दोष जो भी मेरे,

तुमसे कहाँ छुपाऊँ,

निर्बल के बल तुम्ही हो,

बीती मेरी सुनाऊं,

विपदा मेरी निवारो,

विपदा मेरी निवारो,

मोती का तू सहारा,

खाटु के श्याम बाबा,

दर है तेरा निराला।।

तेरी अनोखी झांकी,

तेरी अनोखी झांकी,

जलवा तेरा निराला,

खाटु के श्याम बाबा,

दर है तेरा निराला.........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।