सब मिल के गाओ

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सब मिल के गाओ,

थोड़े भजन सुनाओ,

जरा जम के ताली बजाओ,

तभी तो मेरे श्याम आएँगे,

तभी तो मेरे श्याम आएँगे।।

ज्योत जगाई हमने बाबा तेरी है,

क्यों आए ना क्या अब भी कुछ देरी है....-2

पूछो जरा पूछो क्या बात है,

क्या हमसे नाराज है,

पूछो जरा पूछो क्या बात है,

क्या हमसे नाराज है,

बाबा कुछ तो बताओ,

थोडा समझाओ,

तुम्हे कैसे श्याम रिझाए,

तभी तो मेरे श्याम आएँगे,

तभी तो मेरे श्याम आएँगे।।

टेर लगाई द्रोपदी ने तब आए थे,

धन्ना जाट के जाके हल को चलाए थे....-2

कर्मा का खीचड़ खा गए,

साग विदुर जी के भा गए,

कर्मा का खीचड़ खा गए,

साग विदुर जी के भा गए,

अब हमरी है बारी,

पड़े शरण तिहारी,

क्यों श्याम तू देर लगाए,

तभी तो मेरे श्याम आएँगे,

तभी तो मेरे श्याम आएँगे।।

तुमसा माझी और ना बाबा कोई है,

आश की माला हमने श्याम पिरोई है....-2

शरणागत को तार दो,

अब तो श्याम उबार दो,

शरणागत को तार दो,

अब तो श्याम उबार दो,

तेरी बाट निहारे ‘राजेश’ पुकारे,

प्रभु अब तो दरश दिखाओ,

तभी तो मेरे श्याम आएँगे,

तभी तो मेरे श्याम आएँगे।।

सब मिल के गाओ,

थोड़े भजन सुनाओ,

जरा जम के ताली बजाओ,

तभी तो मेरे श्याम आएँगे,

तभी तो मेरे श्याम आएँगे।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।