चरण गौरा शंकर के

पारंपरिक
श्री गणेश भजन शिव भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

भवन मंदिर शिवालय, तीनों ही बनवा दूँगी

जो मेरे शम्भू मेरे घर आए, चरण पकड़ बिठा लूंगी,

औ औ औ चरण गौरा शंकर के....

चंदा कुण्डल और माला, तीनों ही मंगवा दूंगी,

जो मेरे शम्भू मेरे घर आए डमरू खूब बजा दूंगी,

औ औ औ चरण गौरा शंकर के..….

भभूत बघांबर मृग छाला, तीनों ही मंगवा दूंगी,

जो मेरे भोले मेरे घर आए, मैं धूनी खूब रमा लूंगी,

औ औ औ चरण गौरा शंकर के...….

गोरा गणपति और नन्दी, तीनों ही बुला लूंगी,

जो मेरे शंकर मेरे घर आए बैल सवारी करा दूंगी,

औ औ औ चरण गौरा शंकर के....…

भांग आक और धतूरा, तीनों ही मंगवा दूंगी,

जो मेरे नाथ मेरे घर आए मैं बैठ भोग लगा दूंगी,

औ औ औ चरण गौरा शंकर के....…

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।