मेरे बांके बिहारी लाल

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे बांके बिहारी लाल,

तुम इतना ना करिओ श्रृंगार,

नज़र लग जाएगी……

तोरी सुरतिया पे मन मोरा अटका,

प्यारा लागे तोरा पीला पटका....-2

तोरी टेढ़ी मेढ़ी चाल,

तुम इतना ना करिओ श्रृंगार,

नज़र लग जाएगी…….

तोरी मुरलिया पे मन मोरा अटका,

प्यारा लागे तोरा नीला पटका...-2

तोरे घूँघर वाले बाल,

तुम इतना ना करिओ श्रृंगार,

नज़र लग जाएगी……..

तोरी कमरिया पे मन मोरा अटका,

प्यार लागे तोरा काला पटका...-2

तोरे गले वैजयंती माल,

तुम इतना ना करिओ श्रृंगार,

नज़र लग जाएगी……..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।