बोलो ॐ नमः शिवाय

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

आसमानी रंग उसका, छाया कैलाश सी,

भोले है मन से वो,माला है साँप की…..

ज़िन्दगी कोई जंग नही,

किस बात का डर तुझे खाए है,

बस कर्मों पर नज़र तू रख,

बोलो ॐ नमः शिवाय………

मूंदे अखियाँ हूँ चला गाकर नाम तेरा,

बाबा मेरा है भरोसा तू संभाल लेगा,

ना काशी,ना कैलाश पर है वास उसका,

मन जिसका है साफ़ रेहबीरे भोलेनाथ उसका,

किस बात पर तुझको चढ़ी उदासी,

सिर को क्यों झुकाये है,

बस कर्मों पर नज़र तू रख,

बोलो ॐ नमः शिवाय…….

तमस तले धरी धरा,

विसंग वृत्तिजानि के,

चल आजा राही आज़मा,

भोले का कहना मान के....

झोखें हैं ज़हर के, हवाओं में शहर के,

सुकून का है एक काश, तेरा नाम नाम बाबा,

इक तेरे नाम बाबा......

जियूँ फिर क्यों डर के,

जब तेरा हाथ सिर पे,

समय-प्रलय सब तुझ से है,

सब तेरा काम बाबा.......

देवों के दानवों के तू सबके हिस्से आए,

यूहीं नही तू शिवशंभू तू महादेव कहलाए,

लिए उम्मीदों का बस्ता क्यों दर दर ठोकर खाए है,

बस कर्मों पर नज़र तू रख,

बोलो ॐ नमः शिवायः……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।