लाज रखो मेरी मेरे साई बाबा

पारंपरिक
अन्य भजन साईं भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

लाज रखो मेरी मेरे साई बाबा,

दर पर तुम्हारे आये हैं,

लाज रखो मेरी मेरे साई बाबा,

दर पर तुम्हारे आये हैं,

नज़रे करम हो जाए तुम्हारी,

आस ये दिल में लाये हैं,

लाज रखो मेरी मेरे साई बाबा,

दर पर तुम्हारे आये हैं……….

लोग तुम्हारे दर आकर,

सब झोली भर ले जाते हैं,

दुखियारे सब आकर अपने,

सोये भाग जगाते हैं,

रुतबा आला साई तुमारा,

ये दरबार निराला है,

मुश्किल में लोगो की तुमने,

हल पल में कर डाला है,

लाज रखो मेरी मेरे साई बाबा,

दर पर तुम्हारे आये हैं,

नज़रे करम हो जाए तुम्हारी,

आस ये दिल में लाये हैं……

सबकी सुनते हो साई,

आशा करते हो पूरी,

किसी की चाहत कभी ना रखते,

साई रखते अधूरी,

तुमसे ज़माना करते,

तुम हो सबके प्यारे,

सिखर तुम्हारा सबके लबो पे,

साई गीत तुम्हारे,

लाज रखो मेरी मेरे साई बाबा,

डर पर तुम्हारे आये हैं,

नज़रे करम हो जाए तुम्हारी,

आस ये दिल में लाये हैं …..

दीवाने तुम्हारे नाम की ,

जपते हैं माला

हर सपना तुमने सबका,

पूरा कर डाला,

शिर्डी में तुम्हारी रौनक ,

है साई हर लमहा,

तुमसे लगन लगा ली जिसने,

ख़ुशी मिले हर लमहा,

लाज रखो मेरी मेरे साई बाबा,

डर पर तुम्हारे आये हैं ,

नज़रे करम हो जाए तुम्हारी,

आस ये दिल में लाये हैं……….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।