भज मन मेरे राम

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

भज मन मेरे राम नाम तू , गुरु आज्ञा सिर धार रे,

नाम सुनौका बैठ मुसाफिर जा भवसागर पार रे,

राम नाम मुद मंगल कारी , विघ्न हरे सब पातक हारी,

सांस सांस श्री राम सिमर मन पथ के संकट टार रे,

भज मन मेरे …

परम कृपालु सहायक है वो। बिनु कारन सुख दायक है वो,

केवल एक उसी के आगे। साधक बाँह पसार रे,

भज मन मेरे …

गहन अंधेरा चहुं दिश छाया । पग पग भरमाती है माया,

जीवन पथ आलोकित कर ले । नाम – सुदीपक बार रे,

भज मन मेरे …

परम सत्य है , परमेश्वर है । नाम प्रकाश पुन्य निर्झर है,

उसी ज्योति से ज्योति जला निज । चहुं दिश कर उजियार रे,

भज मन मेरे …

भज मन मेरे राम नाम तू गुरु आज्ञा सिर धार रे।

नाम सुनौका बैठ मुसाफिर जा भव सागर पार रे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।