खाटू में जब से पाँव पड़े हैं

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

खाटू में जब से पाँव पड़े हैं,

मेरे घर के आगे श्याम खड़े हैं।।

दुखड़ो को देखे जमाना है बिता,

वरना बताओ कैसे मैं जीता....-2

जो उलझे थे धागे सुलझने लगे है,

मेरे घर के आगे श्याम खड़े हैं,

खाटू में जब से पांव पड़े हैं.......

मतलब के साथी तुम्हे हो मुबारक,

तुम्हारी बदौलत मैं आया यहाँ तक....-2

की खाटू से जबसे रिश्ते जुड़े है,

मेरे घर के आगे श्याम खड़े हैं,

खाटू में जब से पांव पड़े हैं.....

मुसीबत जो आए दूर से देखे,

दिल को मसो से हाथों को मसले....-2

पवन के तो घर पे पहरे खड़े है,

मेरे घर के आगे श्याम खड़े हैं,

खाटू में जब से पांव पड़े हैं,

मेरे घर के आगे श्याम खड़े हैं।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।