मेरी बस एक ख्वाहिश है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरी बस एक ख्वाहिश है,

चाहे दुनिया बदल जाए,

के सर मेरा हो दर तेरा हो बाबा,

और दम निकल जाए।।

प्रभु हर रात हर सुबह,

प्रभु हर रात हर सुबह,

तेरी कृपा सी होती है,

के जैसे सुखी फसलों पर,

के जैसे सुखी फसलों पर,

तेरी वर्षा सी होती है,

तेरी वर्षा सी होती है,

जो बढ़ता हाथ मुझ तक गम का,

पल भर में फिसल जाए,

के सर मेरा हो दर तेरा हो बाबा,

और दम निकल जाए।।

मैं तुझसे मांगता इतना,

मैं तुझसे मांगता इतना,

मेरी हर सांस तेरी हो,

तेरे ही नाम से गुजरे,

तेरे ही नाम से गुजरे,

ये अर्जी ख़ास मेरी हो,

ये अर्जी ख़ास मेरी हो,

जो नजरे तेरी उठ जाए तो,

साया दुःख का टल जाए,

के सर मेरा हो दर तेरा हो बाबा,

और दम निकल जाए।।

पकड़ ले हाथ ओ कान्हा,

पकड़ ले हाथ ओ कान्हा,

बहुत ही उदास हूँ प्यारे,

कलम से लिख के देता हूँ,

कलम से लिख के देता हूँ,

तेरा ही दास हूँ प्यारे,

तेरा ही दास हूँ प्यारे,

हो दिल में गरूर चढ़ता आकाश के,

इक पल में जल जाए,

के सर मेरा हो दर तेरा हो बाबा,

और दम निकल जाए......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।