देखा लखन का हाल तो

लखबीर सिंह लक्खा
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

देखा लखन का हाल तो, श्री राम रो पड़े,

अंगद सुग्रीव जामवंत, बलवान रो पड़े,

देखा लखन का हाल तो श्री राम रो पड़े॥

लंका विजय की अब मुझे चाहत नही रही,

मुझमें धनुष उठाने की ताकत नही रही,

रघुवर के साथ धरती-आसमान रो पड़े,

देखा लखन का हाल तो श्री राम रो पड़े॥

करने लगे विलाप श्री राम फूटकर,

क्या मै जवाब दूँगा अयोध्या मे लौटकर,

जितने थे मन मे राम के अरमान रो पड़े,

देखा लखन क हाल तो श्री राम रो पड़े॥

सुग्रीव जामवंत सुनो ए अंगद बलवान,

लक्ष्मण नही बचा तो त्यज दूँगा मै भी प्राण,

धरती पे पड़ा जो धनुष बाण रो पड़े,

देखा लखनका हाल तो श्री राम रो पड़े॥

देखा जो जामवंत ने तो हनुमान उड़ गये,

सूर्योदय से पहले ही बूटी ले मुड़ गये,

गले लगा हनुमान को भगवान रो पड़े,

देखा लखन का हाल तों श्री राम रो पड़े,

देखा लखन का हाल तो मेरे राम रो पड़े.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।