सांवरे की राखी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सुनलो मेरे सांवरे भैया,

आगे करो कलाई,

आया है त्यौहार ये बहना,

राखी लेकर आई,

ये बंधन टूटे ना,

साथ ये छूटे ना।।

घर आने की तू करता,

हर बार ही आना कानी,

अबके तेरी नहीं चलेगी,

कोई भी मनमानी,

आस लगाए बैठी हूँ मैं,

करले मेरी सुनाई,

आया है त्यौहार ये बहना,

राखी लेकर आई

आया है त्यौहार ये बहना,

राखी लेकर आई,

ये बंधन टूटे ना,

साथ ये छूटे ना।।

रेशम की डोरी में मैंने,

मेरा प्यार छिपाया,

हर सुख दुःख में साथ रहेगा,

ये विश्वास समाया,

चाहे छोटी चाहे बड़ी हो,

सारी बात बताई,

आया है त्यौहार ये बहना,

राखी लेकर आई

आया है त्यौहार ये बहना,

राखी लेकर आई,

ये बंधन टूटे ना,

साथ ये छूटे ना।।

जल्दी से तुम श्याम चलो,

अब मेरा नेक भी दे दो,

मेरे बुलाने पर आना है,

वादा एक ही दे दो,

कहे ‘सचिन’ सारी बहनों का,

तुमसा एक हो भाई,

आया है त्यौहार ये बहना,

राखी लेकर आई

आया है त्यौहार ये बहना,

राखी लेकर आई,

ये बंधन टूटे ना,

साथ ये छूटे ना।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।