क्यों भूल गए भोलेनाथ

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

क्यों भूल गए भोलेनाथ,

क्या भूल हुई है नाथ,

मुझे क्यों भुला दिया,

प्रभु देख मेरे हालात,

ना छोड़ना मेरा साथ,

मुझे क्यों भुला दिया,

क्यो भूल गए भोलेनाथ,

क्या भूल हुई है नाथ,

मुझे क्यों भुला दिया।।

जीवन में मेरे बाबा,

तूफान सा आया है,

कल तक जो अपना था,

वो आज पराया है,

अब तू ही पकड़ना हाथ,

मेरे भूतो के हे नाथ,

मुझे क्यों भुला दिया,

क्यो भूल गए भोलेनाथ,

क्या भूल हुई है नाथ,

मुझे क्यों भुला दिया।।

दुनिया ने भुलाया है,

रह रह के सताया है,

खुदगर्ज ज़माने में,

तुझे अपना पाया है,

अब हो गई कौन सी बात,

मेरा छोड़ दिया क्यों साथ,

मुझे क्यों भुला दिया,

क्यो भूल गए भोलेनाथ,

क्या भूल हुई है नाथ,

मुझे क्यों भुला दिया।।

कही गिर ना जाऊं मैं,

बाहों में जकड ले तू,

तेरे हर्ष का दीनानाथ,

अब हाथ पकड़ ले तू,

अब मेट दो काली रात,

बाबा समझ मेरे जज्बात,

मुझे क्यों भुला दिया,

क्यो भूल गए भोलेनाथ,

क्या भूल हुई है नाथ,

मुझे क्यों भुला दिया।।

प्रभु देख मेरे हालात,

ना छोड़ना मेरा साथ,

मुझे क्यों भुला दिया,

क्यो भूल गए भोलेनाथ,

क्या भूल हुई है नाथ,

मुझे क्यों भुला दिया।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।