मुझे मेरे श्याम सहारा दे दो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मुझे मेरे श्याम सहारा दे दो,

मेरी डूबी हुई नैया को किनारा दे दो...-2

मेरी नैया ना डूब पाएगी,

अपनी नजरो का मुझे एक इशारा दे दो,

मुझे मेरे श्याम.......

सारे ज़माने में चर्चा तेरी,

सब पे रहे बाबा कृपा तेरी,

छूटे कभी ना चौखट तेरी,

तू अगर साथ है,

डर की क्या बात है,

कहीं मुझसे रूठ ना जाना,

करूँ सेवा ये इजाजत दे दो,

मेरी डूबी हुई नैया को किनारा दे दो,

मुझे मेरे श्याम.....

सारे ज़माने से हारा हूँ मैं,

तक़दीर का बाबा मारा हूँ मैं,

देख मुझे बेसहारा हूँ मैं,

तेरा साथ मिले मेरी नाव चले,

कहीं तू भी छोड़ ना जाना,

मुझे तेरे नाम की दौलत दे दो,

मेरी डूबी हुई नैया को किनारा दे दो,

मुझे मेरे श्याम......

खुशियों से भर दो झोली मेरी,

देखेगी दुनिया कृपा तेरी,

बोलूंगी सबको बात खरी,

जो भी हार गया वो ही पार गया,

तेरे गोविन्द ने है माना,

कहे निशा हमें शरण ले लो,

मेरी डूबी हुई नैया को किनारा दे दो,

मुझे मेरे श्याम सहारा दे दो,

मेरी डूबी हुई नैया को किनारा दे दो,

मेरी नैया ना डूब पाएगी,

अपनी नजरो का मुझे एक इशारा दे दो,

मुझे मेरे श्याम.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।