रोते हैं जो याद में तेरी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आ नहीं पाते दर पे तेरे,

कोई तो मज़बूरी है,

क्या कारण है मुझको बताओ,

उनसे क्यों ये दुरी है,

क्षमा करो उनकी गलती को,

और ना उनको सजा देना,

रोते है जो याद में तेरी,

उनको नहीं भुला देना।।

इतनी कृपा कर दो बाबा,

उनको खाटू बुला लेना,

रोते है जो याद में तेरी.......

तुझको पाकर हम हँसते है,

पर कोने में वो रोते है,

घायल पक्षी के जैसे वो,

जागते है ना सोते है,

उनके विरह की पीड़ा में बाबा,

मरहम आके लगा देना,

रोते है जो याद में तेरी,

उनको नहीं भुला देना।।

हमने सुना है हर फागण में,

सुनते हो बाबा सबकी,

छोटी सी है अर्जी ‘श्याम’ की,

मान लो बाबा अब की,

हो सके तो जाकर उनको,

अपनी झलक दिखा देना,

रोते है जो याद में तेरी,

उनको नहीं भुला देना।।

रोते हैं जो याद में तेरी,

उनको नहीं भुला देना,

इतनी कृपा कर दो बाबा,

उनको खाटू बुला लेना,

रोते है जो याद में तेरी,

उनको नहीं भुला देना।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।