ये तो राजा महाराजा है मेरे भोलेनाथ

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

ये तो राजा महाराजा है मेरे भोलेनाथ

कष्ट हरते है भक्तो के ये दिन रात।

बाबा महाकाल की है महिमा निराली।

पीते हैं भांगिया ये भर भर के प्याली।।

कैलाश वासी है मेरे भोलेनाथ,

कष्ट हरते हैं भक्तो के ये दिन रात।

ये तो राजा महाराजा है......

उज्जैनी आकर के शीश जो झुकाते।

मुंह मांगा वर भक्त भोले से पाते ।।

इनकी कृपा की होती है बरसात,

कष्ट हरते हैं भक्तो के ये दिन रात।।

ये तो राजा महाराजा है.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।