चलो महाकाल की नगरिया में

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

चलो रे, चलो रे, चलो रे, चलो रे

चलो महाकाल की नगरिया में, ॐ नाम बांध लो गठरिया में |

करो शिव की पूजा उमरिया में, ॐ नाम बांध लो गठरिया में ||

चलो महाकाल की नगरिया में, ॐ नाम बांध लो गठरिया में |

अनमोल तन तूने मानुष का पाया, फिर भी भोले नाम तूने ना गाया |

माया में भरमाया दुनियाँ में आकर, बैठा ना इक पल भी सतसंग में आकर-२ ||

क्यूँ लगाये दाग इस चुनरिया में, ॐ नाम बांध लो गठरिया में |

चलो महाकाल की नगरिया में, ॐ नाम बांध लो गठरिया में....

पी लो भोले नाम का जग में प्याला, तन-मन को पावन करें यह माला।।

बाबा के चरणों में मन को लगाकर।.पा लो इसे सत्य रटना लगाकर ||

तो बड़ा मज़ा आए उमरिया में। ॐ नाम बांध लो गठरिया में।

चलो महाकाल की नगरिया में, ॐ नाम बांध लो गठरिया में......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।