हरयाणे म गेड़ा बाबा ला ज्याइए

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

भक्ता के कष्ट मिटा ज्याइए-॥

म्हारे गाम म गेड़ा बाबा ला ज्याइए।

हरयाणे म गेड़ा बाबा ला ज्याइए।

नारी की अड़ इज्जत कोन्या कोख म बेटी मारै

भ्रूण हत्या न रोको बाबा जै हो बसमै थारै -॥

बेटी न ना मारै समझा ज्याइए-॥

म्हारे गाम.........................

हरयाणे म .......................................

आजकाल गी बीनणी या कुणसी बात बतावै

माँ बाबू न छोड़कै छोरा उसका कहण पुगावै-॥

यो भूल का पर्दा हट्टा ज्याइए-॥

म्हारे गाम .................................

हरयाणे म .................................

जन्म तैं पहलां मारी जावै बेटी का के खोट सै

दान दहेज तैं डरगे सारे लागै प्यारे नोट सै-॥

भक्तां नै दर्श दिखा ज्याइए-॥

म्हारे गाम .....................

हरयाणे म ......................

सुरेश देह्ड़ू हरियाणे न राजी देखणा चाहवै सै

गाम सरोरपर म बालाजी थानै आज बुलावै सै-॥

धरती तैं पाप मिटा ज्याइए-॥

म्हारे गाम .........................

हरयाणे म गेड़ा बाबा ला ज्याइए।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।