लाड़ली श्यामा जू रख लो मुझे बरसाने में

पूनम यादव
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

लाड़ली श्यामा जू,

रख लो मुझे बरसाने में,

मेरा मन ही ना लागे ज़माने में,

मेरा दिल ही ना लागे ज़माने में,

लाड़ली श्यामा जु,

रख लो मुझे बरसाने में।।

मेरी धीमी है चाल, मैं तो चींटी हूँ,

ये पथ है विशाल, मैं तो रीती हूँ,

थक ना जाऊँ कहीं आने जाने में,

थक ना जाऊँ कहीं आने जाने में,

लाड़ली श्यामा जु,

रख लो मुझे बरसाने में।।

आप सुनती रहे, मैं सुनाती रहूं,

आप रूठी रहे, मैं मनाती रहूं,

अच्छी गुजरेगी सुनने सुनाने में,

अच्छी गुजरेगी सुनने सुनाने में,

लाड़ली श्यामा जु,

रख लो मुझे बरसाने में।।

आप तो हमको, बुलाते रहे,

आप भर भर के, हमको पिलाते रहे,

मेरे पाप करम आड़े आते रहे,

माफ़ कर दो हुआ जो अनजाने में,

माफ़ कर दो हुआ जो अनजाने में,

लाड़ली श्यामा जु,

रख लो मुझे बरसाने में।।

ये ना समझो की, टाले से टल जाएगी,

हरिदासी तो विरहा में, जल जाएगी,

लगे कितने जनम फिर रिझाने में,

लगे कितने जनम फिर रिझाने में,

लाड़ली श्यामा जु,

रख लो मुझे बरसाने में।।

लाड़ली श्यामा जू,

रख लो हमें बरसाने में,

मेरा मन ही ना लागे ज़माने में,

मेरा दिल ही ना लागे ज़माने में,

लाड़ली श्यामा जु,

रख लो मुझे बरसाने में..........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।