श्री राधा नाम धुन

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

राधा राधा राधा राधा........

राधा राधा, राधा राधा,

राधा राधा, राधा राधा......

श्री राधा, श्री राधा,

जय राधा, जय राधा,

जय राधा, श्री राधा,

श्री राधा राधा राधा राधा........

राधा राधा राधा राधा,

राधा राधा राधा राधा........

एक बार राधा कहे,

प्राणी पावन होत,

हरि पधारे सांसुमन और,

जगे प्रेम की ज्योत,

जगे प्रेम की ज्योत,

सांवरो हृदय बिराजे,

मौर मूकट और बांसुरी,

पीताम्बर साजे.......

श्री वृन्दावन वास मिले हो,

प्रेम अगाधा,

तेरो हो जीवन कल्याण,

कहे एक बार जो राधा.....

राधा राधा राधा राधा,

राधा राधा राधा राधा........

परम स्नेह ही हरि कहे,

राधा को कर धाम,

ओह सोहे प्यारे अधिक,

रटे जो राधा नाम,

रटे जो राधा नाम,

मेरो प्रानन सो प्यारो,

सत्य कहु ये नाम,

मेरो जीवन रखवारो......

बड़ा बाघी वो जीव,

सफल की निति ना देहि,

सत्य कहु ये नाम,

मेरो है परम स्नेही......

राधा राधा राधा राधा,

राधा राधा राधा राधा........

मग्न प्रेमरा सुनत हीं,

होत रसीले श्याम,

श्रवण हेत हरि दा शब्द,

त्याग देत निजधाम,

त्याग देत निजधाम,

नाम राधा मतवाले,

पाछे पाछे फिरत,

नन्द के लाल ग्वाले.....

राधा राधा राधा राधा,

राधा राधा राधा राधा........

जा मुख सोहरि सुनत है,

राको शब्द रसाल,

प्रेम भक्ति निजकोष की,

देत ताहि तत्काल,

देत ताहि तत्काल,

अ जो कहे करि ठगोरी,

पुरो मोल न दियो मति,

मति किनियो भोरी....

राधा......राधा.....

राधा राधा सुनत हरि,

पावे यथा सुख,

धन्य धन्य बलिहारि नाम,

श्री राधा जामूख......

राधा राधा राधा राधा........

राधा राधा, राधा राधा,

राधा राधा, राधा राधा......

श्री राधा, श्री राधा,

जय राधा, जय राधा,

जय राधा, श्री राधा,

श्री राधा राधा राधा राधा........

राधा राधा राधा राधा,

राधा राधा राधा राधा........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।