जय जयकार श्याम जी की

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जय जयकार श्यामजी की, दुनिया मे होरी से

श्याम की दीवानी सारी दुनिया ये होरी से,

जय जयकार श्यामजी की......

श्याम खाटूवाला मालामाल कर देता,

प्रेमियो के दूर जंजाल कर देता...-2

भर दे भंडार प्यारे -2

भर दे भंडार कोई कमीं ना होरी से

जय जयकार श्यामजी की......

श्याम जी से तू भी प्यारे नज़रे मिलाले,

दिलवाले से तू तोड़ा, दिल ये लगाले...-2

दिल को संभाल प्यारे….2

दिल को संभाल करले दिल की ये चोरी से

जय जयकार श्यामजी की......

प्रेम की गंगा मे डूबकी लगा ले,

श्याम खाटूवाले को अपना बना ले....-2

पल मे खुलेगी प्यारे -2

पल मे खुलेगी तेरी किस्मत जो सोरी से

जय जयकार श्यामजी की......

नाम श्याम जी का सोने पे सुहागा,

श्याम जपे जो दीपक रहे ना अभागा...-2

मनचाहा सा हो ता प्यारे -2

मनचाहा सा हो ता फुल कृपा सी होरी से

जय जयकार श्यामजी की, दुनिया मे होरी से.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।