हिन्दुस्तान तू मेरी जान

पारंपरिक
महादेव भजन देश भक्ति भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मिट जायेगें वो मुल्क सारे,

न धरा न आसमां रहेगा,

लेकिन हमेशा जिन्दाबाद,

मेरा हिन्दुस्तान रहेगा।

हिन्दुस्तान तू मेरी जान,

हिन्दुस्तान तु मेरी जान,

जहाँ पार्वती की दया,

शिव शंकर का डमरू,

जहाँ पार्वती की दया,

शिव शंकर का डमरू,

जहाँ कान्हा की मुरली,

जहाँ मीरा के घुंघरू,

उस देश को दुनिया में,

हिन्दुस्तान कहते हैं,

उस देश को दुनिया में,

हिन्दुस्तान कहते है,

मेरे हिन्दुस्तान में,

सारी दुनिया से अच्छे,

इंसान रहते हैं।।

जहाँ पार्वती की दया.......

शेष गणेश महेश की,

यहाँ पूजा होती है,

शेष गणेश महेश की,

यहाँ पूजा होती है,

छवी देवी देवता की,

मन को मोहती है,

पूजा श्री गौ माता की,

देवता भी करते,

शरणो मे हिन्दू सारे,

मस्तक धरते,

जय गौ माता जय गौ माता,

सुख तो सुख है,

दुख को भी हम,

हंस कर सहते हैं,

मेरे हिन्दुस्तान में,

सारी दुनिया से अच्छे,

इंसान रहते हैं।।

जहाँ पार्वती की दया.......

वो झांसी वाली रानी के,

तलवार हाथ में,

वो झांसी वाली रानी के,

तलवार हाथ में,

तात्या तोपें गुरू गोबिंद सिंह,

बच्चे साथ मे,

मंगल पांडे ओर चन्द्रशेखर,

देश के लिए भगत सिंह,

गए जान देकर,

जय शहीदों की जय वीरों की,

जय शहीदों की जय वीरों की,

सुभाषचंद्र जी के चरनो मे,

हम सब कहते हैं,

सुभाष चंद्र जी के चरणों में,

हम सब कहते हैं,

मेरे हिन्दुस्तान में,

सारी दुनिया से अच्छे,

इंसान रहते हैं।।

जहाँ पार्वती की दया.........

आजाद सिंह प्रणाम करे,

मेरे हिन्दुस्तान को,

आजाद सिंह प्रणाम करे,

मेरे हिन्दुस्तान को,

हिन्दू सिख इसाई भाई,

मुस्लमान को,

आजादी के खातिर सबने,

खून बहाया,

उन ही के कर्मो से आज,

तिरंगा लहराया,

जय हिन्दुस्तान तू मेरी जान,

जय हिन्दुस्तान तू मेरी जान,

हम सब मिलकर आज,

जय जय हिन्द कहते हैं,

हम सब मिलकर आज,

जय जय हिन्द कहते हैं,

मेरे हिन्दुस्तान में,

सारी दुनिया से अच्छे,

इंसान रहते हैं।।

जहाँ पार्वती की दया,

शिव शंकर का डमरू,

जहाँ कान्हा की मुरली,

जहाँ मीरा के घुंघरू,

हिन्दुस्तान तू मेरी जान,

हिन्दुस्तान तु मेरी जान............

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।