नाचे नंद जी का लाला

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

नाचे नंद जी का लाला श्याम राधे,

नाचे गिरधर गोपाला श्याम राधे,

नाचे गोकुल का ग्वाला श्याम राधे,

नाचे अमृत का प्याला श्याम राधे,

श्याम राधे श्याम राधे...-4

अरे बाहर से ये सीधा लागे अंदर का है काला......

श्याम राधे का दीवाना, श्याम राधे,

रोज करके बहाना,, चला जाए बरसाना,

इसे मैंने पहचाना,

अरे तेरी मेरी कुछ ना जाने सबसे है अंजाना।

श्याम भक्तों का प्यारा,

ये दिलों का दुलारा,,

सारे जग से है न्यारा,

सारे जग का सहारा,

अरे टेड़ी चाल चलन है इसकी तभी तो है कुंवारा।

रोज माखन चुराए,

गोपियों को सताए,

झूठी बातें बनाए,

रौब अब अपना दिखाएं,

अरे मैंने क्या बिगाड़ा, मुझे हर कोई सताए।

मैं तो गया चराऊं,

मीठी बंसी बजाऊं,

मैं तो सबको रिझाऊं,

गीत आनंद के गांऊं,

श्याम राधे श्याम राधे......

नाचे नंद जी का लाला श्याम राधे.........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।