वन्दे मातरम्

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन देश भक्ति भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हिंदुस्तान मेरी जान है

हिंदुस्तान, हिंदुस्तान

मेरी जान मेरी शान है

हिंदुस्तान, हिंदुस्तान

हम करते है ये वादा माँ

तेरी आखों में एक आंसू ना

आने देंगे दे देंगे जान

सुजलाम् सुफलाम् मलयजशीतलाम्

शस्य श्यामला मातरम्

वन्दे मातरम्, वन्दे मातरम्

वन्दे मातरम्, वन्दे मातरम्

केसरिया आसमान

और धरती ये हरी

चक्र तेरा कह रहा

हमसे नहीं रुकना कभी

मुश्किल हो चाहे

कितनी बड़ी पर

हार ना मानेगे हम

सपनो की तेरी ऊँची उड़ाने

होने ना देंगे कम

हम करते है ये वादा माँ

तेरी आखों में एक आंसू ना

आने देंगे दे देंगे जान

सुजलाम् सुफलाम् मलयजशीतलाम्

शस्य श्यामला मातरम्

वन्दे मातरम्, वन्दे मातरम्

वन्दे मातरम्, वन्दे मातरम्

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।