मुझे है तलाश तेरी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मुझे है तलाश तेरी,

मुझे तेरी जुस्तजू है...-3

मुझको तेरी तमन्ना,

मुझे तेरी आरज़ू है....-3

मुझे है तलाश तेरी......

किस काम का ये जीवन,

तेरा प्यार अगर ना पाया

तुझसे ना दिल लगाया,

तुझको ना गर रिझाया

तुम बिन अंधेरी दुनिया,

सुनसान चारज़ू है।

मुझे है तलाश तेरी .....

आँखों में हो तस्व्वुर,

दिल में हो याद तेरी

तेरी याद की महक से,

महक जाए दुनिया मेरी

दौलत भी मेरी तू है,

मेरी ज़िंदगी भी तू है।

मुझको तेरी तमन्ना

मुझे तेरी आरज़ू है

मुझे है तलाश तेरी....

जिस दिल में हो ना पैदा,

सांवल लगन तुम्हारी

बर्बाद ज़िन्दगी है,

बेचैन रूह बेचारी

उस दिल का क्या है कहना,

जिस दिल में तू ही तू है।

मुझको तेरी तमन्ना

मुझे तेरी आरज़ू है

मुझे है तलाश तेरी.......

हूँ खुशनसीब मुझ पर,

नज़र ए करम है तेरा

हो क्यों ना नाज़ मुझको,

सांवल मैं दास तेरा

मेरे दिल में तू ही तू है,

मेरा एक तू ही तू है

मुझको तेरी तमन्ना

मुझे तेरी आरज़ू है

मुझे है तलाश तेरी .....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।