ज्योत से ज्योत जगाते चलो

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

ज्योत से ज्योत जगाते चलो,

मैया का जैकारा लगाते चलो,

राह में आए जो भक्त सभी,

मैया का जैकारा लगाते चलो......

तेरा द्वारा जग से नयारा,

मन को लगे अति प्यारा ...-2

जो कोई मांगे तुझसे शरण माँ

उसको मिला है सहारा...-2

धर्म ध्वजा फैराते चलो,

मैया का जैकारा लगाते चलो

ज्योत से ज्योत जगाते चलो

मैया का जैकारा लगाते चलो......

दर जो आए दर्शन पाए

महारानी को ध्याये....-2

निज चरणों में जो ध्यान लगाए

मनवांछित फल पाए...-2

शेरोवाली माँ के गुण गाते चलो,

मैया का जैकारा लगाते चलो

ज्योत से ज्योत जगाते चलो

मैया का जैकारा लगाते चलो

मैया का जैकारा लगाते चलो......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।