अमृत सा जल श्याम कुंड का

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्याम कुंड की महिमा का,

किन शब्दों में गुणगान करें...-2

अमृत सा जल श्याम कुंड का,

हो जाते सब कष्ट परे.....

ये वो पावन कुंड है जिसमें,

प्रकट हुए हैं बाबा श्याम -2

बूँद बूँद में श्याम समाए,

एक गोते में हो कल्याण -2

स्नान करे जो श्यामकुण्ड में,

लाख चौरासी फंद कटे,

अमृत सा जल श्याम कुंड का,

हो जाते सब कष्ट परे.....

स्वर्ग लोक कैसा होता है,

खाटू जाकर देख लिया,

दामन खुशियों से भर डाला,

जब से माथा टेक लिया

बांके ढाल भक्त की चलता,

रोड़े पथ के दूर करे,

अमृत सा जल श्याम कुंड का,

हो जाते सब कष्ट परे.....

संकट की बारिश के समय में,

इस जल का उपयोग करो,

श्याम बहादुर श्याम धणी की,

कृपा का एहसास करो

लाल के भाव अगर हो सच्चे,

जल अमृत का काम करे

अमृत सा जल श्याम कुंड का,

हो जाते सब कष्ट परे

श्याम कुंड की महिमा का,

किन शब्दों में गुणगान करें

अमृत सा जल श्याम कुंड का,

हो जाते सब कष्ट परे।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।