गोविंदा आला रे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

झूमे झूमे सारी धरती झूमे ये आसमान,

देख कान्हा का मुखड़ा शरमाए चन्द्रमा,

गोविंदा आला रे...-2

चन्द्र छवी है ऐसी प्यारी,

जिसपे जाए जग बलिहारी...-2

नन्दलाल का जनमदिन मनाए ये जहां

नन्दलाल का जनमदिन मनाए ये जहां

देख कान्हा का मुखड़ा शरमाए चन्द्रमा

गोविंदा आला रे.....

अँगने में पलना अति प्यारा,

पलने में झूले गोपाला...-2

है निराली इसकी माया निराला ये समा

है निराली इसकी माया निराला ये समा

देख कान्हा का मुखड़ा शरमाए चन्द्रमा

गोविंदा आला रे

गोविंदा आला रे आला

ज़रा मटकी संभाल ब्रिजबाला

गोविंदा आला रे आला

ज़रा मटकी संभाल ब्रिजबाला.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।