साईं तेरे ही भरोसे

पारंपरिक
अन्य भजन साईं भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

साईं तेरे ही भरोसे मेरा परिवार है,

बाबा तेरे ही भरोसे मेरा परिवार है

साईं तेरे ही भरोसे मेरा परिवार है

बाबा तेरे ही भरोसे मेरा परिवार है

तू ही मेरी नाव का माझी हो ओ

तू ही मेरी नाव का माझी तू ही पतवार है....

साईं तेरे ही भरोसे मेरा परिवार है

बाबा तेरे ही भरोसे मेरा परिवार है........

हो अगर अच्छा माझी नाव फिर पार होती,

किसी की बीच भंवर में फिर न दरकार होती...-2

अब तो तेरे ही हवाले ओ,

अब तो तेरे ही हवाले मेरा घर वार है,

साईं तेरे ही भरोसे मेरा परिवार है

बाबा तेरे ही भरोसे मेरा परिवार है.......

मैंने अब छोड़ी चिंता तेरा साथ जो पाया,

जब भी तुझको पुकारा अपने ही पास पाया....-2

मुझपे एहशान तेरा हो ओ,

मुझपे एहशान तेरा साईं जो आपार है,

साईं तेरे ही भरोसे मेरा परिवार है

बाबा तेरे ही भरोसे मेरा परिवार है.....

पड़ी जब विपदा हमपर तो बाबा तुमने टाला,

दया जिसपर तुमने की हो गया किस्मत वाला.....-2

जो भी तेरे दर पे आया हो ओ,

जो भी तेरे दर पे आया उसका बेडा पार है,

साईं तेरे ही भरोसे मेरा परिवार है

बाबा तेरे ही भरोसे मेरा परिवार है.....

मुझे पग पग पर सहारा तुमने दिया है,

ज़िन्दगी भर जीने का गुजारा तुमने दिया है....-2

विष्णु पे साईं तेरा हो ओ,

विष्णु पे साईं तेरा बड़ा उपकार है,

साईं तेरे ही भरोसे मेरा परिवार है

बाबा तेरे ही भरोसे मेरा परिवार है....

तू ही मेरी नाव का माझी हो ओ

तू ही मेरी नाव का माझी तू ही पतवार है

साईं तेरे ही भरोसे मेरा परिवार है

बाबा तेरे ही भरोसे मेरा परिवार है

साईं तेरे ही भरोसे मेरा परिवार है......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।