जब से मेरी शिव से मुलाकात हो गई

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

जब से मेरी शिव से मुलाकात हो गई

मेरे घर सुखों की बरसात हो गई...-2

हो जो रूठी थी मुझसे मेरी सारी खुशियाँ,

वो शिव की कृपा से मेरे साथ हो गई,

जब से मेरी शिव से मुलाकात हो गई,

मेरे घर सुखों की बरसात हो गई......

तेरी ही भक्ति से राह मैने पाई,

शिव तेरी भक्ति है सदा सुखदाई....-2

तेरे धाम की भोले राह जो पकड़ी,

महिमा तेरी शम्भू मेरे साथ हो गई,

जब से मेरी शिव से मुलाकात हो गई......

हम अपने दुःखों से कितने दुःखी थे,

जीवन में कोई भी लक्ष्य नहीं थे....-2

मिला जब से भोले का हमको सहारा,

जीने की हमको सौग़ात मिल गई,

जब से मेरी शिव से मुलाकात हो गई.....

मिला शिव के चरणों का मुझे जब सहारा,

किया विपादाओं ने मुझसे किनारा....-2

ख़ुशियों की लड़ियों में सुख की कलियाँ,

भक्ति के धागे में मेरे पिरो गई,

जब से मेरी शिव से मुलाकात हो गई......

जीवन में अपने फिरा मारा मारा,

कपटी जगत में नहीं था सहारा....-2

तेरे नाम का भोले सहारा मिला जो,

ख़ुशियाँ जमाने की मेरे साथ हो गईं,

जब से मेरी शिव से मुलाकात हो गई.....

कठिन राह शिव की पड़े पाँव छाले,

कदम लड़खड़ाए तो शिव ने सम्भाले...-2

शरण तूनें अपनी जब मुझको लगाया,

मेरी सारी पीड़ा इक पल में खो गई,

जब से मेरी शिव से मुलाकात हो गई

मेरे घर सुखों की बरसात हो गई.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।