मेरे घर आए गोपाल

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मैं तो सोये रही सपने में,

मेरे घर आए गोपाल

मैं तो सोये रही सपने में,

मेरे घर आए गोपाल

मेरे घर आए गोपाल

मेरे घर आए गोपाल

मैं तो सोये रही सपने में

मेरे घर आए गोपाल........

धीरे से आके वाने बंसी बजाई,

मधुर मुरलिया मेरे मन भायी

मधुर मुरलिया मेरे मन भायी....

मैं तो सुन सुन हुई निहाल,

मेरे घर आए गोपाल

मैं तो सोये रही सपने में

मेरे घर आए गोपाल....

काँधे पड़ी थी बांके काली कमलिया,

तिरछे खड़े थे बांके साँवरिया

तिरछे खड़े थे बांके साँवरिया......

मोरे तन मन छायी बहार

मेरे घर आए गोपाल

मैं तो सोये रही सपने में

मेरे घर आए गोपाल....

धीरे से आके वाने मोको जगायो,

किरपा कर मोहे कंठ लगायो

किरपा कर मोहे कंठ लगायो....

मेरे जग गए भाग सुहाग

मेरे घर आए गोपाल

मैं तो सोये रही सपने में

मेरे घर आए गोपाल.....

मेरे घर आए गोपाल

मेरे घर आए गोपाल

मैं तो सोये रही सपने में

मेरे घर आए गोपाल

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।