घोट्टा घोट्टा

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले तेरी भंग घोट घोट के,

मैं’त थक गयीं याँ,

अब खुद ही घोट ले,

मैं तो पिहर चल पइयां....

बम बम भोले भोले

बम बम भोले भोले

बम बम भोले भोले

बम बम भोले भोले

घोट्टा घोट्टा घोट्टा

मेरे शिवा ने ला लिया घोट्टा

घोट्टा घोट्टा घोट्टा

मेरे शिवा ने ला लिया घोट्टा

घोट्टा घोट्टा घोट्टा

घोट्टा घोट्टा घोट्टा

ओ मेरे शिवा ने ला लिया घोट्टा

घोट्टा घोट्टा घोट्टा

मेरे शिवा ने ला लिया घट्टा

शम्भु…

जब शिव जी भंग बिजन लागे

जब शिव जी भंग बिजन लागे.....-2

खेतर पड़ गया छोटा

मेरे शिवा ने ला लिया घोट्टा

घोट्टा घोट्टा घोट्टा

मेरे शिवा ने ला लिया घोट्टा

घोट्टा घोट्टा घोट्टा

मेरे शिवा ने ला लिया घट्टा

जद शिव जी भंग घोटन लागे

जद शिव जी भंग घोटन लागे....-2

डंडा पा गया छोटा

मेरे शिवा ने ला लिया घोट्टा

घोट्टा घोट्टा घोट्टा

मेरे शिवा ने ला लिया घोट्टा

घोट्टा घोट्टा घोट्टा

मेरे शिवा ने ला लिया घोट्टा

बम बम भोले भोले

बम बम भोले भोले

बम बम भोले भोले

बम बम भोले भोले

जद शिव जी भंग पिवन लागे

जद शिव जी भंग पिवन लागे

जद शिव जी भंग पिवन लागे

खाली कर दिया लोटा

मेरे शिवा ने ला लिया घोट्टा

घोट्टा घोट्टा घोट्टा

मेरे शिवा ने ला लिया घट्टा

घोट्टा घोट्टा घोट्टा

मेरे शिवा ने ला लिया घोट्टा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।