ताड़केश्वर का सुमिरन करो

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

ताड़केश्वर का सुमिरन करो,

महाकाल का चिंतन करो,

दुखड़ो को हर लेगा भोलानाथ ये,

खाली झोली भर देगा भोलानाथ ये....-2

ताड़केश्वर के दर पे,

जो भी आकर के शीश झुकाए,

बाबा बड़ा है दयालु,

ये तो पल में ही मोहित हो जाए,

सुन लेगा अर्जी तेरी,

बड़ा महादानी है भोलानाथ ये,

बड़ा महादानी है भोलानाथ ये।।

भोलेनाथ की महिमा,

का पार किसी ने ना पाया,

‘अभिषेक’ कहे बाबा को,

मैं जो कुछ भी तुमने बनाया,

भोला है शंकर बड़ा,

और जटाधारी है भोलानाथ ये,

और जटाधारी है भोलानाथ ये।।

गौरी से ब्याह किया और,

वो तो गौरीशंकर कहाए,

अमृत पिया देवो ने,

विष पीने की बारी जो आए,

स्मरण किया भोले का,

विष को भी पी जाए भोलानाथ ये,

विष को भी पी जाए भोलानाथ ये।।

ताड़केश्वर का सुमिरन करो,

महाकाल का चिंतन करो,

दुखड़ो को हर लेगा भोलानाथ ये,

खाली झोली भर देगा भोलानाथ ये।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।