याद करो गोविंद को याद करो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

याद करो गोविंद को याद करो,

याद करो गोविंद को याद करो।।

याद प्रभु की जब आती है,

दया की धारा बन जाती हैं,

अमृत रस का पान करो याद करो,

याद करों गोविंद को याद करो।।

जिसने प्रभु को याद किया है,

उसने आनंद स्वाद लिया है,

गोविंद का गुणगान करो याद करो,

याद करों गोविंद को याद करो।।

अंतरयामी घट घट वासी,

सदा संग है आनंद राशि,

ऐसे प्रभु को याद करो याद करो,

याद करों गोविंद को याद करो।।

नीत उठ मंगला दर्शन करना,

पहले प्रभु को याद करना,

फिर जग का व्यवहार करो याद करो,

याद करों गोविंद को याद करो।।

सुंदर श्यामल सूरत छबीली,

मन को लागे बहुत रसीली,

भवसागर को पार करो याद करो,

याद करों गोविंद को याद करो।।

गोविंद गोविंद जो गाते हैं,

प्रेम से गोविंद को पाते हैं,

प्रेम सुधा रसपान करो याद करो,

याद करों गोविंद को याद करो।।

याद करो गोविंद को याद करो,

याद करों गोविंद को याद करो।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।