गणपति 12 नाम को, अर्थ सहित पहचान

पारंपरिक
श्री गणेश भजन कृष्ण भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

गणपति 12 नाम को,

अर्थ सहित पहचान।

सुख समृद्धि ज्ञान धन,

बुद्धि करे प्रदान।

सुन्दर मुख है गणपति,

सुमुख है सुन्दर नाम।

एकदन्त एक दांत वाले,

गौरीपुत्र प्रणाम।

कपिल नाम से कपिल वर्ण,

तुमको शिश झुकाऊँ।

हाथी कान है गजकर्ण,

तुम को आज मनाऊँ।

लम्बा पेट तुम्हारा है,

लम्बोदर है नाम।

विकट विपत्ति नाश करे,

प्रभु तुम्हारा ध्यान।

विनायक तुमको है प्रिय,

न्याय सदा ही नाथ।

धुंए के रंग की ध्वजा,

धूम्रकेतु के साथ।

गणाध्यक्ष अध्यक्ष,

हो सभी गणो के आप।

शीश तुम्हारे चंद्रमा,

भालचंद्र निष्पाप।

मुख हाथी का लगा,

गजानंद गजराज,

विघ्ननाशक नाम से,

विघ्न का करते नाश।

करे मनोरथ पूर्ण सब,

गणपति १२ नाम।

साईआशीष नमन करे,

तुमको बारम्बार।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।