भोले भोले दानी तू दयालु तू कृपालु

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले भोले दानी,

तू दयालु तू कृपालु,

तेरा नाम लेके सोऊँ,

तेरा नाम लेके जागूँ,

भोलें भोले दानी।।

मेरी दुनिया बस तू है,

अब दूसरा ना कोई,

मेरे बाबा बिन तेरे,

मुझे आसरा ना कोई,

नैया की पतवार तू ही है,

मेरा खेवनहार तू ही है,

बात ये मैंने जानी,

तेरा नाम लेके सोऊँ,

तेरा नाम लेके जागूँ,

भोलें भोले दानी।।

तेरे होते मेरे बाबा,

चिंता करूँ मैं कैसी,

है भरोसा तू हरेगा,

विपदा हो चाहे जैसी,

चिंता फिकर मिटाए तू ही,

विपदा दूर भगाए तू ही,

कौन है तेरा सानी,

तेरा नाम लेके सोऊँ,

तेरा नाम लेके जागूँ,

भोलें भोले दानी।।

जग छुटे चाहे बाबा,

तेरा साथ ना ये छुटे,

मेरा भोला वरदानी,

मुझसे कभी ना रूठे,

‘हर्ष’ तेरे चरणों का चेरा,

तू मालिक मैं सेवक तेरा,

मैं मुर्ख तू ज्ञानी,

तेरा नाम लेके सोऊँ,

तेरा नाम लेके जागूँ,

भोलें भोले दानी।।

भोले भोले दानी,

तू दयालु तू कृपालु,

तेरा नाम लेके सोऊँ,

तेरा नाम लेके जागूँ,

भोलें भोले दानी।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।