तेरी होवे जय जयकार

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

तेरी होवे जय जयकार,

मेरे उज्जैन के महाकाल,

उज्जैन के महाकाल मेरे,

उज्जैन के महाकाल,

तेरी होवें जय जयकार,

मेरे उज्जैन के महाकाल।।

महाकाल सो नाम नहीं,

और उज्जैन सो कोई धाम,

महाकाल सो नाम नहीं,

और उज्जैन सो कोई धाम,

कर ले मेरे महाकाल की भक्ति,

हो जाए सब काम,

कर ले मेरे महाकाल की भक्ति,

हो जाए सब काम,

उनको कर दे बेड़ा पार,

जो आवे है थारे द्वार,

तेरी होवें जय जयकार,

मेरे उज्जैन के महाकाल।।

उज्जैन के हो राजा,

मेरे महाकाल सरकार,

उज्जैन के हो राजा,

मेरे महाकाल सरकार,

मुझे दे दो अपनी नौकरी,

मेरे खुल जाए सब भाग,

मुझे दे दो अपनी नौकरी,

मेरे खुल जाएं सब भाग,

यो किशन भगत भी बाबा,

तेरे आयो है दरबार,

तेरी होवें जय जयकार,

मेरे उज्जैन के महाकाल।।

जिंदगी एक धुआ है भाई,

जाने कहां थम जाएगा,

जिंदगी एक धुआँ है भाई,

जाने कहां थम जाएगा,

आजा मेरे महाकाल की नगरी,

जीवन सफल हो जाएगा,

आजा मेरे महाकाल की नगरी,

जीवन सफल हो जाएगा,

उनको कर दे बेड़ो पार,

बाबा जपे जो थारो नाम,

तेरी होवें जय जयकार,

मेरे उज्जैन के महाकाल।।

तेरी होवे जय जयकार,

मेरे उज्जैन के महाकाल,

उज्जैन के महाकाल मेरे,

उज्जैन के महाकाल,

तेरी होवें जय जयकार,

मेरे उज्जैन के महाकाल।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।